About Us

About Our Organization

सर्वप्रथम जन जीवक कल्याण संघम परिवार कि स्थापना 1995 मे नालन्दा जिला के ग्रामीण मेडिकल प्रैकिटशनरो (RMP) को सरकारी तंत्र से बचाने हेतू बिहार शरीफ के ग्रामीण प्रैकिटशनरो द्वारा किया गया। चूँकि सरकार द्वारा प्रैकिटस पर पूर्णतः रोक लगाने कि बात कही गई थी। इस कार्य हेतु विभिन्न जिला के सिविल सर्जन D.M., S.P. को विद्यिवत आदेश प्राप्त हो चूके थे। इन पदाधिकारियों के निर्देश मे सभी जगह छापामारी कार्य चल रहा था। कुछ RMP पकडे भी गये थे। सभी को अपना बोर्ड हटा कर क्लिनिक को पूर्णतः बंद करने के आदेश हो चूके थे। सभी लोग दिशाहीन एवं निराश हो चुके थे। वे लोग अपना-अपना प्रैक्टिस छोड़ कर जीवकोपार्जन हेतु कोई दूसरे धन्धे अपनाने की बात सोच ही रहे थे। इस बीच कुछ RMP डॉ शिव शंकर प्रसाद सिंह के यहाँ इस कठिनाई के समय में राय-मशवरा लेने गये की अब हम लोग क्या करे?

डॉ सुबोध कुमार सिंह इस तरह लाचर, विवश एवं दिशाहीन हो देख उनका मन काफी उद्वेलित हो गया। उन्होंने उपस्थित सभी RMP को इतना निराश एवं दिशाहीन नहीं होने को कहा एवं हिम्मत एवं धैर्य से काम लेने को कहा। उन्होंने एक मजबूत संगठन बनाने की बात कहीं क्योंकि संघ ही एक ऐसी शक्ति है जो RMP की प्रैक्टिस को सुरक्षित कर आपके अधिकार एवं विभिन्न तरह की समस्याओं का समाधान कर सकती है एवं निर्भिक होकर प्रैक्टिस कर सकते है। इस तरह 'जन जीवक कल्याण संघम परिवार' का उदय हुआ जो अक्षम वट-वृक्ष रूपी महासंघ आपके सामने हैं।

जन जीवक कल्याण संघम परिवार के प्रयास से नालन्दा जिले के RMP ने काफी राहत महसूस की और डटकर प्रैक्टिस करने लगे। लेकिन पडोस के जिलो मे आग लगी ही रही।अब पडोस के जिलों के RMP ने सुना कि नालन्दा जिले में RMP का एक संगठन तैयार किया गया है और वहाँ के लोगो ने इस संगठन से काफी राहत महसूस कि हैं।

तब नवादा, पटना, शेखपुरा, गया, जहानाबाद, वैशाली, आरा, बक्सर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, रोहतास, भभुआ, मधुबनी, समस्तीपुर, हाजीपुर, पुर्णिया, सुपौल, आदि जिलों के अलावा झारखण्ड, उतर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिम बंगाल, केरल, जम्मू कश्मीर, आदि राज्यों के RMP इस सघ से जुड़ते चले गये।

तत्पश्चात संघम् को मान्यता बिहार सरकार से दिलाया गया और तब से यह संघम् डॉ शिव शंकर प्रसाद सिंह के नेतृत्व में दिन प्रतिदिन आगे बढ़ते गया। आज स्थिति यह है कि सम्पूर्ण भारत वर्ष में यह संघम् अपने कामयाबी का परचम लहराये हुए है, और अपनी मांगों को लेकर सरकार से लडाई लड रही है RMP को प्रैक्टिस के क्षेत्र में अनेक समस्याऍ विधमान है, सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से यह बडा ही पिछड़ा हुआ है, आज बिहार के विभिन्न भाग प्रगति के सोपान तय कर रहे है तो अधिकांश RMP अपने जीवकोपार्जन को बाध्य हो रहे है इस लिए जन जीवक कल्याण संघम परिवार RMP के पूर्ण निर्माण में अपनी मूल आस्था रखती है पूर्ण निर्माण इस लिए कि हम वैसे RMP का रचना कर सके जो प्रैक्टिस के क्षेत्र में स्वतंत्र हो और सरकार मान्यता दें इसके लिए संघम् कि ओर से हम विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण कार्य चलाते है ताकि RMP दृढ़ विश्वास के साथ अपना प्रैक्टिस कर जीवकोपार्जन कर सके प्रशिक्षण से तात्पर्य यह है कि ग्रामीणों को प्रथम उपचार कर सके एवं सरकारी मान्यता से तात्पर्य यह है कि RMP खुले विचार से प्रैक्टिस कर सके एवं सरकार प्रोत्साहन दे और सरकारी स्तर पर प्रशिक्षित RMP को बहाली कर सकें।

जन जीवक कल्याण संघम परिवार डॉ सुबोध कुमार सिंह के नेत्रृत्व में महीना के अंतिम रविवार को प्रशिक्षण का कार्य करती है जिसमें शहर के विशेष डॉक्टर आकर प्रशिक्षण देते है एवं संघम् कि ओर से प्रतिवर्ष वार्षिक महोत्सव मनाया जाता है एवं समय-समय पर अपनी मांगों के लिए धरना प्रदर्शन करती है साथ ही साथ डॉ शिव शंकर प्रसाद सिंह के नेतृत्व में संघम्की ओर से RMP पर आयें हुवे आपदा से निपटने के आर्थिक मदद भी दिया जाता है।